nitrogen gas history
नाइट्रोजन के कार्य, उपयोग व गुण, और नाइट्रोजन क्या है?नाइट्रोजन की खोज सन 1972 में डेनियल रदरफोर्ड ने की थी। उन्होंने पशुओं द्वारा सांस लेने से
निकली गैसों में से कार्बन डाइऑक्साइड हटाकर इसे प्राप्त किया।
इस नाइट्रोजन गैस की आवश्यकता पेड़ पौधों के साथ-साथ मनुष्य को भी अत्यंत आवश्यक होती है, तो चलिए जानते हैं कि यह गैस क्या है और इसका उपयोग क्या होता है
नाइट्रोजन गैस का रासायनिक सूत्र N है।
यह गैस रंगहीन गंधहीन और स्वादहीन होती है।
पृथ्वी के पूरे वायुमंडल में 78% नाइट्रोजन गैस है।
इस गैस की खोज सन 1973 में स्कॉटलैंड के वैज्ञानिक रदरफोर्ड ने की थी।
जब इस गैस की खोज हुई थी तब इसका नाम एजोट था फिर इसे बदलकर सन 1790 में नाइट्रोजन रख दिया गया था।
नाइट्रोजन हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है इसको हम सब्जियां, शाकाहारी और मांसाहारी भोजन से प्राप्त करते हैं, बल्कि पौधे और पेड़ भी मिट्टी से नाइट्रोजन प्राप्त करते हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि नाइट्रोजन के कारण ही हमारे शरीर में न्यूक्लिक एसिड यानी कि DNA और RNA बनता है, जो कि इंसानों के लिए अति महत्वपूर्ण होता है और यह भोजन पाचन प्रक्रिया के लिए बहुत ही आवश्यकता पड़ती है।
यह आपको जानना बहुत जरूरी है कि हर एक 50 किलो के व्यक्ति को प्रतिदिन 5.25 ग्राम नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है, यानी की हर 1 किलो के पीछे 125 मिलीग्राम नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है।
नाइट्रोजन गैस का उपयोग ट्यूबलाइट और बल्ब बनाने में किया जाता है और इसका उपयोग एयरप्लेन के टायर में भी किया जाता है जिससे कि टायर के पंचर होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। आप लोग भी अपनी गाड़ियों में नाइट्रोजन गैस भरवा सकते हैं जो कि थोड़ी महंगी होगी लेकिन आप के टायर के पंचर होने की संभावना बहुत कम हो जाएगी।
यह नाइट्रोजन गैस का उपयोग नाइट्रिक अम्ल और अमोनिया बनाने में होता है तथा इसका उपयोग दवाइयां बनाने में भी किया जाता है।
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